संसद घेरने को निकले जाट, आज रात से मेट्रो के कई स्टेशन बंद, दिल्ली की सीमा पर नेट बैन

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जाट आंदोलन का नया पड़ाव दिल्ली है। तेवर संसद घेर लेने का है। मुरथल कांड के बाद अनहोनी की किसी आशंका को रोकने के लिए हरियाणा, यूपी और एनसीआर प्रशासन को पूरी तरह से चौकस कर दिया गया है। जाट आंदोलन का यह दिल्ली कूच एक ऐसे समय में है जब यूपी-उत्तराखंड में जबरदस्त जीत के साथ बीजेपी ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में चार राज्यों में सरकार बना ली है।

मेट्रो की आवाजाही पर नियंत्रण

जाट आंदोलन को रोकने के लिए दिल्ली मेट्रो ने रविवार रात से ही दिल्ली से बाहर के मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया है। वहीं सोमवार को दिल्ली के भीतर भी राजीव चौक समेत संसद भवन के आसपास पहुंचने वाले सभी मेट्रो स्टेशनों में आने-जाने के रास्ते बंद कर दिए हैं। इंटरचेंज की सुविधा बहाल रहेगी।

हरियाणा-यूपी की सरकारों ने भी उठाए कदम

  • किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पेट्रोल पंप 10 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं देंगे। ड्राइवर का पूरा अता-पता लिखेंगे।
  • नेशनल हाईवे पर ऐसी गाड़ियां नहीं आएंगी जिन पर बड़ी संख्या में लोग लदे हों और लाठी डंडे हों।
  • दिल्ली से सटी सीमा में इंटरनेट की सुविधा बंद रहेगी।
  • हरियाणा के कई जिलों में इंटरनेट सेवा ठप कर दिए जाने का आदेश हो चुका है।
  • रेलवे को भी सतर्क कर दिया गया है।

तमाम सतर्कता और सरकार की चौकसी के बावजूद जाट आंदोलनकारी अपने आंदोलन को सफल बनाने के लिए कोई भी तरीका आजमा सकते हैं। दरअसल जाट आंदोलनकारी सरकार से तो अपनी बातें मनवा लेते हैं लेकिन उस पर अमल करने को लेकर अदालत की रोक लग जाती है। इसलिए आंदोलनकारियों की मांग है कि जब हरियाणा, बीजेपी और केंद्र में बीजेपी की सरकार है तो ऐसा कानून लाया जाए जिससे जाट को आरक्षण देने का रास्ता प्रशस्त हो जाए और अदालत को हस्तक्षेप करने की संभावना नहीं रह जाए।

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