व्यवस्थाओं का विध्वंसक नहीं कायाकल्प करने वाला कहिए- मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न्यू इंडिया के लिए आह्वान किया है। इंडिया टुडे कॉनक्लेव में श्री मोदी ने कहा कि वे विनाश के अग्रदूत नहीं, कायाकल्प के नेतृत्वकर्ता हैं। जो बदलाव हो रहे हैं अगर वो व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने वाली हैं तो यही 21वीं सदी के जनमानस का मन है और इसलिए डिसेप्टर इन चीफ अगर कोई है तो मोदी नहीं है हिन्दुस्तान के सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानी इस परिभाषा के अधिकारी हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि 2022 को जब हमारी आजादी के 75 साल पूरे होंगे, तो हम जहां हों व्यक्ति के रूप में, गांव के रूप में, संगठन के रूप में संकल्प लें और इस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रयास करें।

ऐसा होगा मोदी का न्यू इंडिया

सपनों से हकीक़त की ओर बढ़ता भारत।
जहां उपकार नहीं अवसर होंगे
सभी को अवसर, सभी को प्रोत्साहन
नयी संभावनाओं, नये अवसरों का भारत।
लहराते खेत, मुस्कुराते किसानों का भारत।
आपके-हमारे स्वाभिमान का भारत।

वक्त बदल चुका है

प्रधानमंत्री ने कहा कि वक्त बदल चुका है। दो सौ साल में टेक्नोलॉजी में जितना बदलाव में आया, उससे ज्यादा बदलाव पिछले 20 साल में हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें मानना होगा कि 30 साल पहले के युवा और आज के युवाओं की आकांक्षाओं में बड़ा अंतर आ चुका है।

द्विध्रुवीय दुनिया भी बदल चुकी है

श्री मोदी ने कहा कि बाइपोलर वर्ल्ड और इंटरडिपेन्डेन्ट वर्ल्ड के समीकरण भी बदल चुके हैं। आजादी के बाद व्यक्तिग प्रेरणा से ज्यादा राष्ट्रीय प्रेरणा विकसित हो चुकी है। सैकड़ों सालों की गुलामी से देश बाहर निकल चुका है। श्री मोदी ने कहा, “ आज समय की मांग है कि आजादी के आंदोलन की तरह ही विकास का आंदोलन हो, जो पर्सनल इन्सपिरेशन को कलेक्टिव इन्सपिरेशन में विस्तार करे।”

अच्छी नीति, निर्णय, नीयत से बनेगा न्यू इंडिया

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति, निर्णय और नीयत का जो एप्रोच पिछले ढाई सालों में देश ने देखा है वही एप्रोच न्यू इंडिया के लिए जरूरी है और इसी से 21वीं सदी में देश नयी ऊंचाईयों को छूएगा। इसी से न्यू इंडिया की नींव मजबूत होगी।

एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सपना

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना लेकर चल रही है। उन्होंने समस्याओं को देखने के तरीके में बदलाव की वकालत की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस सोच के साथ सरकार चल रही है वो व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने वाली नहीं कायाकल्प करने वाली सोच है जिसमें आत्मा अक्षुण्ण रहे।

निवेश में भारत टॉप थ्री में

प्रधानमंत्री ने भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट रिपोर्ट में भारत को दुनिया के शीर्ष तीन देशों में रखा गया है। भारत ऐसा देश है जहां 55 बिलियन से ज्यादा का निवेश हुआ है और पिछले दो सालों में भारत ने 32 पायदान की छलांग लगायी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा  कि मेक इन इंडिया भारत का सबसे बड़ा इनीशिएटिव है, जो गर्व की बात है।  उन्होंने जानकारी दी कि भारत  दुनिया का सबसे बड़ा छठा मैन्यूफैक्चरिंग देश हो गया है।

जीएसटी के लिए देश तैयार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे को-ऑपरेटिव फेडरलिज्म और कम्पटिटिव फेडरलिज्म के पैरोकार रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशव्यापी चर्चा  के बाद अब जीएसटी तैयार है। श्री मोदी ने कहा, “जीएसटी की पूरी प्रोसेस को भी देश समझने का प्रयास करे  जिस पर राज्यों के साथ लगातार संवाद और घंटों बहस के बाद सहमति के द्वार बने हैं।”

नारा नहीं जीने की कोशिश है ‘सबका साथ, सबका विकास’

पीएम मोदी ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ सिर्फ नारा नहीं है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी कोशिश है इसको जीने की। हमारी वाणी में व्यवहार में नीतियों में इसका प्रभाव हो।”

भाषा वैभव पर कभी जोर नहीं दिया गया

श्री मोदी ने कहा कि अंग्रेजी-हिन्दी के बीच सालों चले संघर्ष के बीच हमने कभी बल हिन्दुस्तान के भाषा वैभव पर बल नहीं दिया।  अब केंद्र सरकार की पहल के बाद श्री मोदी ने कहा, “हरियाणा के बच्चे तेलगू भाषा में सौ बातें सीखेंगे, कभी तेलुगू फिल्म फेस्टिवल हरियाणा में होगा कभी हरियाणा हेस्टिवल आन्ध्र प्रदेश में होगा।”

नजरिये में बदलाव जरूरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस देश में श्रम कानून को विकास में बाधा या श्रम कानून में सुधार करने वाले को श्रम विरोधी के तौर पर ही देखा गया है। कभी ये नहीं सोचा गया कि एम्पलॉयर, एम्पलॉयी और कानून तीनों को लेकर के आगे बढ़ना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि अब उद्यमियों को 56 रजिस्टर में एक ही जानकारी भरने की जरूरत नहीं रह गयी है।

पर्सनल सेक्टर पर जोर

श्री मोदी ने कहा कि पब्लिक, प्राइवेट सेक्टर के साथ-साथ सरकार का जोर पर्सनल सेक्टर पर भी है। उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना के तहत नौजवानों को बिना बैंक गारंटी कर्ज दिया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “पिछले ढाई वर्षों में 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 लाख करोड़ से ज्यादा कर्ज दिया गया है।”

पुराने पड़ गये बंधे-बंधाए विचार

पीएम मोदी ने कहा कि बंधे-बंधाए विचार अब पुराने पड़ गये हैं। सत्ता के गलियारे से ही देश बदल सकता है, ऐसा नहीं है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने समयबद्ध तरीके से कार्ययोजना पर अमल करते हुए कार्यसंस्कृति में सुधार किया है। व्यवस्था में पारदर्शिता हो, विकास और क्षमता में बढ़ोतरी हो इसके लिए प्रक्रियाओं को दोबारा तैयार किया गया है।

पहली बार कौशल विकास मंत्रालय बना

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बार सरकार ने कौशल विकास मंत्रालय बनाया ताकि पूरी प्लानिंग के साथ काम हो। सरकार ने पहली बार जॉब क्रिएशन पर बल दिया। उन्होंने जनशक्ति को अहम बताते हुए बदलाव में उसे भागीदार बनाने पर जोर दिया।

27 करोड़ लोग जनधन योजना से जुड़े

पीएम मोदी ने जनधन योजना में 27 करोड़ लोगों को जोड़ने, उन्हें डेबिट कार्ड दिए जाने को बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि 10 महीने में 2 करोड़ गरीब परिवारों को गैस के कनेक्शन दिए जा चुके हैं और 3 साल में 5 करोड़ लोगों को ये कनेक्शन देने का लक्ष्य है।

650 दिन में 12 हजार गांवों में बिजली पहुंची

पीएम मोदी ने कहा कि जहां 70 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची, वैसे 18 हजार गांवों में 1000 दिन के भीतर बिजली पहुंचाने के लक्ष्य पर भी काम चल रहा है। श्री मोदी ने कहा, “ इस योजना के करीब-करीब 650 दिन हुए हैं और इस दौरान 12 हजार गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है।”

लंबित 1500 योजनाओं पर 8 लाख करोड़ खर्च हुए

प्रधानमंत्री ने कहा कि घोषणाओं के बाद भुला दी गयी 1500 योजनाओं को सरकार ने शुरू कराया है जिस पर 8 लाख करोड़ से ज्यादा की रकम खर्च हो रही है। श्री मोदी ने कहा कि पिछले तीन महीने में रेल-रोड को सर्वाधिक बजट दिया गया। काम करने की स्पीड बढ़ी है, रेलवे में रूट इलेक्ट्रिफिकेशन पर काम हुआ है और रेलवे का खर्च भी घटा है।

विन्ड पावर में भारत चौथे नंबर पर

पीएम मोदी ने कहा कि विन्ड पावर में भारत विश्व में चौथे नंबर पर है। उन्होंने लगभग 22 करोड़ एलईडी बांटे जाने का जिक्र करते हुए कहा कि इससे बिजली की खपत में कमी आयी है और साल में 11 हजार करोड़ रुपये की बचत हो रही है।

ढाई लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर पहुंचेंगे

पीएम मोदी ने कहा कि ढाई लाख गांवों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने के लिए काम चल रहा है। पिछले दो वर्षों में 76 हजार पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंच चुका है। श्री मोदी ने कहा, “ साधन वही हैं, संसाधन वही हैं लेकिन काम करने का तरीका बदले तो रफ्तार भी बदल जाती है, परिणाम भी नजर आने लगता है।”

घंटों में होने लगे हैं काम

पीएम मोदी ने कहा कि एक कंपनी अब 24 घंटे में इन-कॉरपोरेट हो जाती है। इनकम टैक्स रिफंड कुछ घंटों में हो जाता है और पासपोर्ट भी कुछ दिनों में बन कर घर पहुंच जाता है।

डबल होगी किसानों की आय

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सरकार किसानों की आय दुगुना करने पर काम कर रही है, बीज से लेकर बाजार तक सरकार हर स्तर पर इसके लिए काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल योजना, सॉयल हेल्थ कार्ड, नीम कोटिंग खाद का जिक्र करते हुए कहा कि स्टोरेज और सप्लाई चेन को भी मजबूत किया जा रहा है।

नेशनल हेल्थ पॉलिसी के लिए रोडमैप तैयार

पीएम मोदी ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में भी हर स्तर पर काम किया जा रहा है चाहे वो बच्चों का टीकाकरण हो, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की चिंता हो या योग हो। श्री मोदी ने कहा, “ सरकार ने नेशनल हेल्थ पॉलिसी को स्वीकृति दी है। एक रोडमैप तैयार किया गया है जिसमें देश के हर नागरिक के लिए यह  एक्सेसबल बनाया जाएगा।”

दुकानें भी देर तक खुली रहें

श्री मोदी ने कहा कि बड़े-बड़े मॉल जिस तरीके से सातों दिन 24 घंटे खुल सकते हैं उसी तरह छोटा व्यापारी भी चाहे तो देर रात तक अपना कारोबार चला सके, इसके लिए सरकार पहल कर रही है। इससे नये लोगों को रोजगार मिलेगा।

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