यूपी में 14 साल का वनवास खत्म, अब होगी अग्नि परीक्षा

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14 साल का वनवास खत्म हो गया। जनता में उत्साह है। उम्मीद है। खुशी है कि रामराज आने वाला है। बीजेपी राज के रूप में रामराज की वापसी होने वाली है। मगर, अभी अग्निपरीक्षा बाकी है।

बीजेपी का चरित्र बरकरार है, केसरिया रंग फीका नहीं पड़ा है। जनता जिस बीजेपी का स्वागत कर रही है उसका नैतिक बल, मनोबल और संकल्प शक्ति पहले से मजबूत हुई है। इस नजरिए से अग्निपरीक्षा लेने को भी यूपी की जनता तैयार है। सवाल है कि क्या बीजेपी इस अग्निपरीक्षा के लिए तैयार है? अगर, हां तो उसे अपना चरित्र साबित करने के लिए विश्वसनीय तर्क देने होंगे। काम सिर्फ तर्क से भी नहीं चलने वाला है क्योंकि विश्वसनीयता तो प्रस्तुत आचरण ही दे सकेगी। वाकई ये अग्निपरीक्षा कठिन होने वाली है।

‘सबका साथ सबका विकास’ का देशव्यापी चरित्र यूपी में भी साबित करना होगा। वहीं, कब्रिस्तान और श्मशान का फर्क मिटाने पर भी विश्वसनीयता दिखलानी होगी। अयोध्या में राम मंदिर का संकल्प पूरा करने का अवसर भी है जब केन्द्र में भी केसरिया लहरा रहा है और यूपी में भी। दोनों जगह की सरकारों की मातृशक्ति बीजेपी विवाद खत्म करके ऐसा करेगी या अदालत के भरोसे सबकुछ छोड़कर बाकी मसलों को प्राथमिकता देगी, इस पर भी सबकी निगाहें रहेंगी। ये मसला भी इस बात का द्योतक है कि बीजेपी का चरित्र बदला है या नहीं और बदला है तो ये बदलाव यूपी की जनता के लिए कितना सकारात्मक होने जा रहा है। सम्भव है कि दोनों समुदायों के बीच बातचीत कराने में बीजेपी सफल रहे क्योंकि ऐसा लग रहा है कि बीजेपी के प्रति मुसलमानों के नजरिए में भी फर्क आया है। एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं देने के बावजूद मुसलमानों ने बीजेपी के लिए मतदान किया है।

अग्निपरीक्षा कहे जाने वाले अहम मुद्दों के अलावा भी उत्तर प्रदेश में नयी सरकार के लिए चुनौतियां बहुत हैं। दरअसल उन चुनौतियों से निपटने के भरोसे पर ही जनता ने बीजेपी के सुपरस्टार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में विश्वास जताया है। उन मसलों और प्राथमिकताओं को रेखांकित करना जरूरी है।

कानून का राज- राम राज की उम्मीद कर रहे लोगों को कानून का राज कायम होने की पहली उम्मीद रहेगी। थाने अब किसी पार्टी के दफ्तर से नहीं चलेंगे, रिश्वतखोरी बंद होगी और आम लोगों के साथ पुलिस का व्यवहार दोस्ताना होगा।

जनता का राज- सरकार और जनता में दूरी कम होगी। जनता अपना शासन समझकर आसानी से मुख्यमंत्री और उनकी मंत्रिपरिषद व विधायकों तक पहुंच सकेगी। लोग अपनी बात रख सकेंगे और उन्हें अपनी समस्याओं के हल की भी उम्मीद रहेगी।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन- अब तक भ्रष्टाचार को शिष्टाचार और सुविधा शुल्क का दर्जा दे चुके उत्तर प्रदेश को इससे मुक्ति दिलाने की चुनौती छोटी नहीं है फिर भी जनता उस प्रधानमंत्री से उम्मीद कर सकती है जिसके तीन साल के शासनकाल में केंद्र सरकार में कोई घोटाला सामने नहीं आया।

किसानों के लिए कर्ज माफी- ये मसला पहली सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग में हल किए जाने का है। फसल पर लिए गये लोन को यूपी में बीजेपी की नयी सरकार खत्म करने का एलान करेगी।

तौल में बेईमानी- किसानों की फसल को खरीदते वक्त तौल में बेईमानी खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैकेनिज्म बनाने की बात कही है। इससे किसानों को सीधा फायदा होगा। सबकी नजर इस पहल पर भी है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना- अखिलेश सरकार इससे केवल 16 फीसदी लोगों को जोड़ पायी थी। अब नयी सरकार से उम्मीद रहेगी कि वो अधिकाधिक किसानों को इस योजना का लाभ दिलाए। कृषि क्षेत्र में ये योजना बड़ा बदलाव लाने में समर्थ है।

30 लाख गरीबों को घर- इस वादे पर भी प्रधानमंत्री ने अखिलेश सरकार को घेरा था कि मांगे जाने के बावजूद केवल 15 हजार नाम ही दिए गये। अब यूपी सरकार की फौरी प्राथमिकता ये होनी चाहिए कि सभी 30 लाख लोगों की लिस्ट प्रधानमंत्री को दें ताकि इस योजना पर अमल लाया जा सके।

गरीबों के घरों में गैस चूल्हे- पीएम मोदी ने हर माताओं को लकड़ी के चूल्हे से आजादी दिलाने और उनके शरीर में एक दिन में जा रहे 400 सिगरेट के धुएं से मुक्ति दिलाने का वादा किया है। इस पर काम चल रहा है लेकिन उसमें तेजी लाने और हर गरीब के घरों में गैस चूल्हा दिलाने की उम्मीद भी नयी सरकार से रहेगी।

गुजरात से पूर्वी उत्तर प्रदेश तक गैस पाइप लाइन- प्रधानमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगो को इस पाइप लाइन के जरिए उद्योग धंधों के विकास और बेरोजगारी दूर करने का अवसर के रूप में बताया था। नयी सरकार की चुनौती होगी कि इस काम को जल्द से जल्द पूरा करे ताकि पीएम मोदी का वो वादा भी पूरा हो जाए।

तृतीय व चतुर्थ वर्ग में इंटरव्यू खत्म- यूपी में नौकरी के नाम पर लाखों रुपये वसूलने की परंपरा खत्म करने के एलान ने नौजवानों में उम्मीद जगायी है। उन्हें उम्मीद है कि प्रतिभा के दम पर सीधे उन्हें नौकरी मिलेगी। इस वायदे के पूरा होने की प्रतीक्षा रहेगी।

रोजगार के अवसर पैदा करने की चुनौती- यूपी के नौजवानों को रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। जाहिर है नयी सरकार को इस विषय पर भी कुछ कर दिखाना होगा।

सड़कों का विकास- अखिलेश यादव ने हार के बाद पहले प्रेस कान्फ्रेन्स में भी ये चुनौती दे डाली है कि उन्होंने जितनी सड़कें बनायी हैं, उससे ज्यादा और बेहतर सड़कें बनेंगी, जनता को ऐसी उम्मीद है। ये चुनौती भी बड़ी है।

24 घंटे बिजली- 24 घंटे बिजली की भी उम्मीद यूपी की जनता को रहेगी। हर जिला वितरण में अपने साथ नाइंसाफी खत्म करने की उम्मीद करेगा। बिजली के तार भूमिगत होंगे, ये उम्मीद भी रहेगी। सोलर एनर्जी की बदौलत भी प्रदेश का विकास होगा। ये उम्मीद भी बीजेपी सरकार से है।

प्रदूषण से मुक्ति- हर तरह के प्रदूषण से और खासकर पानी के प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान से यूपी की जनता को उम्मीद है। गंगा की सफाई की जनता उम्मीद कर रही है।

बिजली, पानी, सड़क के साथ साथ पर्यटन का विकास भी उत्तर प्रदेश को रामराज की ओर ले सकता है। नयी बीजेपी सरकार इन सभी मसलों पर आगे बढ़ेगी। लेकिन ये सब कितनी जल्दी और किस मैकेनिज्म के तहत होगा, यही चुनौती है, यही अग्निपरीक्षा है।

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